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News Posts by जोहार झारखंड🙏😊^~

Page#    Showing 1 to 5 of 14864 news entries  next>>
  
Yesterday (19:36) रेलवे के सफाईकर्मी भी बनेंगे क्लर्क व टिकट निरीक्षक (m.livehindustan.com)
IR Affairs
SER/South Eastern
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News Entry# 394934  Blog Entry# 4489013   
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Nov 15 2019 (19:36)
Station Tag: Chakradharpur/CKP added by जोहार झारखंड🙏😊^~/1421836

Nov 15 2019 (19:36)
Station Tag: Tatanagar Junction/TATA added by जोहार झारखंड🙏😊^~/1421836
रेलवे अस्पताल के सफाई कर्मचारी भी अब पांच वर्षों की नौकरी के बाद 18 सौ के ग्रेड पे पर किसी अन्य विभागों में तबादला करा सकते हैं। गुरुवार को दक्षिण-पूर्व जोन रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री एसआर मिश्रा ने यह जानकारी दी।मेंस कांग्रेस के अनुसार, अबतक सफाईकर्मी शैक्षणिक योग्यता रहने पर भी किसी भी प्रमोशन के बगैर सेवानिवृत्त हो जाते थे। नए आदेश से सफाईकर्मी विभागीय प्रमोशन परीक्षा से क्लर्क व टिकट निरीक्षक बन सकते हैं। इससे पहले गार्डेनरीच में मेंस कांग्रेस की मुख्य कार्मिक अधिकारी जरीना फिरदौसी से 145वें जोनल स्थायी वार्ता के मुद्दे पर बैठक हुई। इसमें चक्रधरपुर मंडल मेंस कांग्रेस के संयोजक शशि रंजन समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।एक वर्ष के प्रयास का फल : मेंस कांग्रेस के अनुसार, सफाईकर्मियों को प्रमोशन एवं ग्रेड बदलने का अवसर देने की मांग एक वर्ष से रेल जीएम के समक्ष उठा रही थी, जिसको मंजूर कर गार्डेनरीच ने एवन्यू प्रमोशन ऑफ...
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करियर का आदेश दिया है, जो टाटानगर रेलवे अस्पताल व चक्रधरपुर मंडल में आया है।
  
Yesterday (09:48) बरवाडीह-चोपन लिंक एक्सप्रेस 18 तक रद्द, 1.20 घंटे विलंब से रवाना हुई राजधानी (www.prabhatkhabar.com)
IR Affairs
ECR/East Central
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News Entry# 394906  Blog Entry# 4488563   
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Nov 15 2019 (09:48)
Station Tag: Ranchi Junction/RNC added by Adittyaa Sharma^~/1421836

Nov 15 2019 (09:48)
Station Tag: Ramna/RMF added by Adittyaa Sharma^~/1421836

Nov 15 2019 (09:48)
Station Tag: Meralgram/MQX added by Adittyaa Sharma^~/1421836
रांची : धनबाद मंडल के बरवाडीह एवं चोपन स्टेशन स्थित मेरलग्राम एवं रमना स्टेशन पर 18 नवंबर तक नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जायेगा़  इस कारण गाड़ी संख्या 15077/15078 बरवाडीह-चोपन लिंक एक्सप्रेस 18  नवंबर तक रद्द रहेगी.  वहीं 16 नवंबर को 18613 हटिया-चोपन इंटरसिटी एक्सप्रेस को नियंत्रित कर चलाया जायेगा.  ज्ञात हो कि गढ़वा-रमना दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत रमना और मेरालग्राम स्टेशन के बीच दोहरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है. इसी क्रम में रमना और मेरालग्राम स्टेशन के बीच 18  को तीव्र गति से विशेष ट्रेन द्वारा स्पीड ट्रायल किया जायेगा. इसके बाद इसका नियमित परिचालन किया जायेगा. वहीं आम लोगों से आग्रह किया गया है कि रेलवे लाइन के निकट नहीं आयें और मवेशियों को भी दूर रखें. ट्रेन की स्थिति देख कर ही रेल लाइन पार करें. 1.20 घंटे विलंब से रवाना हुई राजधानी रांची : रांची-नयी दिल्ली  राजधानी ट्रेन गुरुवार को एक घंटे 20 मिनट विलंब से रांची से रवाना...
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हुई. ट्रेन का रांची से प्रस्थान करने का समय शाम 5.10 बजे है, जबकि ट्रेन शाम 6.30 बजे रवाना हुई. इस संबंध में सीपीआरओ नीरज कुमार ने बताया कि लिंक रैक विलंब से आने के कारण ट्रेन विलंब से रवाना हुई.

  
Rail News
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Yesterday (13:48)
sanjay07~   237 blog posts
Re# 4488563-1            Tags   Past Edits
Very Slow Progress in Work.

  
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Yesterday (13:53)
ararvindpandeya1991~   838 blog posts
Re# 4488563-2            Tags   Past Edits
Right very very sl9w
  
बिलासपुर। Bilaspur Train Accident शहर के चुचुहियापारा इलाके में निर्मांणाधीन अंडर ब्रिज के ऊपर क्रेन गिरने और रेल ट्रैक जाम होने की घटना के बाद रेलवे ने भले डाउन लाइन पर परिचालन शुरू कर दिया है, लेकिन ट्रैक की नीचे की सतह अभी भी कमजोर, मिट्टी धंसने का खतरा अब भी बना हुआ है। इसे देखते हुए ट्रेनों की रफ्तार पर अंकुश लगाया गया है। कोचिंग ट्रेन घटना स्थल से गुजरते हुए केवल 20 किमी प्रति घण्टे की स्पीड पर रहेंगी। इसके साथ ही केवल खाली मालगाड़ी को ही इस लाइन से गुजरने की अनुमति दी गई है। लोड मालगाड़ी पूरी तरह प्रतिबंधित है। अप लाइन दोपहर तक सामान्य होने की संभावना। हावड़ा से आने वाली सुबह की ट्रेनें बाइपास व मिडिल लाइन से चली। क्रेन उठाने के लिए दूसरी मशीन लाने की तैयारी हो रही है। वहीं रात 12 बजे के बाद मिडिल लाइन को सामान्य किया गया। रात 10.30...
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बजे डाउन लाइन पर ट्रेनें चलनी शुरू हुई थी। लाइन क्रमांक सात से लेकर 10 अभी भी बंद है।बिलासपुर-गतौरा रेल खण्ड पर रेल यातायात सामान्य बुधवार 13 नवम्बर’ 2019 को बिलासपुर स्टेशन के समीप चुचुहिया पारा फाटक पर रोड अंडर ब्रिज के लिए किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान क्रेन के गिर जाने की वजह से बिलासपुर-गतौरा सेक्शन में बाधित रेल यातायात को सामान्य किया गया है । इस मार्ग पर अप, मिडिल एवं डाउन तीनों लाइन में सुधार कार्य पुरा कर प्रातः 05.45 बजे से रेल यातायात को सामान्य रुप से संचालित किया जा रहा है ।दुर्ग से बिलासपुर स्टेशन होकर कटनी की ओर जाने वाली कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को आज व्हाया दाधापारा-उसलापुर बायपास होकर गंतव्य के लिए रवाना की जाएगी जिसकी विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:-दिनांक 14 नवम्बर’ 2019 को दुर्ग से छूटने वाली 12823 दुर्ग-निजामुद्दीन, छ.ग. संपर्कक्रांति एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन के स्थान पर व्हाया दाधापारा-उसलापुर बायपास होकर गंतव्य के लिए रवाना होगी ।• दिनांक 14 नवम्बर’ 2019 को दुर्ग से छूटने वाली 12853 दुर्ग-भोपाल, अमरकंटक एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन के स्थान पर व्हाया दाधापारा-उसलापुर बायपास होकर गंतव्य के लिए रवाना होगी ।• आज दिनांक 14 नवम्बर’ 2019 को दुर्ग से छूटने वाली 15160 दुर्ग-छपरा, सारनाथ एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन के स्थान पर व्हाया दाधापारा-उसलापुर बायपास होकर गंतव्य के लिए रवाना हुई।गौरतलब है कि बुधवार की शाम बिलासपुर स्टेशन के पास चुचुहियापारा अंडरब्रिज निर्माण कार्य में लगा क्रेन जमीन धंसने से अनियंत्रित होकर रेलवे ट्रैक में गिर गया। इस हादसे में तीन से चार लाइन का ओएचई तार टूट गया।वहीं क्रेन की चपेट में आकर तीन रेलकर्मी व पांच मजदूर घायल हो गए थे। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद मुंबई-हावड़ा मेन लाइन पर कई घंटों तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा था। अधिकांश ट्रेनों को स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया था। करीब 4 घंटे बाद बाइपास लाइन से ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ था।Posted By: Nai Dunia News Network #Bilaspur Train Accident#rail track danger#trains speed 20 km per hour#bilaspur news#bilaspur news in hindi#bilaspur headlines#chhattisgarh news
बिलासपुर। Bilaspur Train Accident शहर के चुचुहियापारा इलाके में निर्मांणाधीन अंडर ब्रिज के ऊपर क्रेन गिरने और रेल ट्रैक जाम होने की घटना के बाद रेलवे ने भले डाउन लाइन पर परिचालन शुरू कर दिया है, लेकिन ट्रैक की नीचे की सतह अभी भी कमजोर, मिट्टी धंसने का खतरा अब भी बना हुआ है। इसे देखते हुए ट्रेनों की रफ्तार पर अंकुश लगाया गया है। कोचिंग ट्रेन घटना स्थल से गुजरते हुए केवल 20 किमी प्रति घण्टे की स्पीड पर रहेंगी। इसके साथ ही केवल खाली मालगाड़ी को ही इस लाइन से गुजरने की अनुमति दी गई है। लोड मालगाड़ी पूरी तरह प्रतिबंधित है। अप लाइन दोपहर तक सामान्य होने की संभावना। हावड़ा से आने वाली सुबह की ट्रेनें बाइपास व मिडिल लाइन से चली। क्रेन उठाने के लिए दूसरी मशीन लाने की तैयारी हो रही है। वहीं रात 12 बजे के बाद मिडिल लाइन को सामान्य किया गया। रात 10.30 बजे डाउन लाइन पर ट्रेनें चलनी शुरू हुई थी। लाइन क्रमांक सात से लेकर 10 अभी भी बंद है।
बिलासपुर-गतौरा रेल खण्ड पर रेल यातायात सामान्य
बुधवार 13 नवम्बर’ 2019 को बिलासपुर स्टेशन के समीप चुचुहिया पारा फाटक पर रोड अंडर ब्रिज के लिए किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान क्रेन के गिर जाने की वजह से बिलासपुर-गतौरा सेक्शन में बाधित रेल यातायात को सामान्य किया गया है । इस मार्ग पर अप, मिडिल एवं डाउन तीनों लाइन में सुधार कार्य पुरा कर प्रातः 05.45 बजे से रेल यातायात को सामान्य रुप से संचालित किया जा रहा है ।
दुर्ग से बिलासपुर स्टेशन होकर कटनी की ओर जाने वाली कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को आज व्हाया दाधापारा-उसलापुर बायपास होकर गंतव्य के लिए रवाना की जाएगी जिसकी विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:-
दिनांक 14 नवम्बर’ 2019 को दुर्ग से छूटने वाली 12823 दुर्ग-निजामुद्दीन, छ.ग. संपर्कक्रांति एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन के स्थान पर व्हाया दाधापारा-उसलापुर बायपास होकर गंतव्य के लिए रवाना होगी ।
• दिनांक 14 नवम्बर’ 2019 को दुर्ग से छूटने वाली 12853 दुर्ग-भोपाल, अमरकंटक एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन के स्थान पर व्हाया दाधापारा-उसलापुर बायपास होकर गंतव्य के लिए रवाना होगी ।• आज दिनांक 14 नवम्बर’ 2019 को दुर्ग से छूटने वाली 15160 दुर्ग-छपरा, सारनाथ एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन के स्थान पर व्हाया दाधापारा-उसलापुर बायपास होकर गंतव्य के लिए रवाना हुई।
गौरतलब है कि बुधवार की शाम बिलासपुर स्टेशन के पास चुचुहियापारा अंडरब्रिज निर्माण कार्य में लगा क्रेन जमीन धंसने से अनियंत्रित होकर रेलवे ट्रैक में गिर गया। इस हादसे में तीन से चार लाइन का ओएचई तार टूट गया।
वहीं क्रेन की चपेट में आकर तीन रेलकर्मी व पांच मजदूर घायल हो गए थे। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद मुंबई-हावड़ा मेन लाइन पर कई घंटों तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा था। अधिकांश ट्रेनों को स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया था। करीब 4 घंटे बाद बाइपास लाइन से ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ था।
  
Yesterday (09:34) मिट्टी धंसकने का खतरा बढ़ा, पांच की स्पीड में गुजरीं ट्रेनें, लोड मालगाड़ी पर बैन (naidunia.jagran.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
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News Entry# 394903  Blog Entry# 4488547   
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Nov 15 2019 (09:34)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma^~/1421836
Stations:  Bilaspur Junction/BSP  
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि चुचुहियापारा में क्रेन हादसे के बाद रेल प्रशासन सकते में है। इस जगह को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। जरा सी कंपन के बाद दोबारा मिट्टी धंसने का खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए ट्रेनों की रफ्तार पर अंकुश लगा दिया गया है। डाउन लाइन पर 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें गुजरीं तो मिडिल लाइन पर से गुजरने वाली ट्रेनों की गति पांच किमी प्रतिघंटे थी। इतना ही नहीं लोड मालगाड़ी को किसी भी हालत में इस लाइन पर नहीं चलाने का हिदायत दी गई है। गुरुवार को दिनभर इस रफ्तार पर ट्रेनें चलती रहीं। चुचहियापारा रेलवे फाटक की जगह अंडरब्रिज का निर्माण हो रहा है। बुधवार को तीसरे दिन छह बॉक्स स्थापित करने की योजना थी। इनमें से तीन बॉक्स स्थापित भी हो गया था। जैसे ही चौथे बॉक्स को गड्ढे में रखा जा रहा था अचानक मिट्टी...
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धंसकने लगी और 160 टन का क्रेन पलट गया। इस हादसे से रेलवे में हड़कंप मचा गया है। किसी तरह घंटों मशक्कत के बाद डाउन व मिडिल लाइन को फिट कर ट्रेनों का परिचालन तो किया गया लेकिन खतरा पूरी तरह से नहीं टला है। दरसअल क्रेन अब भी पलटा हुआ है और इसके किनारे भारी - भरकम गड्ढा है। जिस तरह यहां की मिट्टी धंसी है उससे रेलवे मान रही है कि नीचे की सतह कमजोर है। ऐसे में ट्रेनों की रफ्तार से चलने के कारण और कंपन होगा। इससे ट्रैक के नीचे की मिट्टी धंस सकती है। इसे देखते हुए डाउन व मिडिल लाइन पर चल रही ट्रेनों पर स्पीड नियंत्रण लगा दिया गया है। मिडिन लाइन गड्ढे से बेहद नजदीक है। इसलिए सबसे ज्यादा खतरा इसी लाइन पर चलनी वाली ट्रेनों को लेकर है। इसे देखते हुए इस लाइन पर कोचिंग ट्रेनों को पांच किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने के निर्देश जारी हुए हैं। इसके ठीक बाजू में डाउन लाइन है। पर यह घटना स्थल से थोड़े अधिक फासले पर है। इसलिए इसमें 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जा रही है। रात 11 बजे डाउन और सुबह 5.45 बजे मिडिल लाइन खुली है। इसके बाद ट्रेनें इसी रफ्तार सेचल रही हैं। दिनभर में एक भी लोड मालगाड़ी यहां से नहीं गुजरीं। इसकी वजह मालगाड़ी के परिचालन पर बैन है। केवल खाली मालगाड़ी ही गुजरीं। नाली- नाले का पानी घुसने के कारण मिट्टी हुई गीली जहां पर बॉक्स रखने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। वहां पहले दिन से मिट्टी गीली है। इसकी वजह लाइन उस पार के मोहल्ले में बने नाली व नाले का पानी आना है। इसी वजह से मिट्टी गीली भी हुई। पहले ही मिट्टी की यह स्थिति रेलवे को खटकी थी। उनके द्वारा ठेकेदार को संभलकर काम कराने की बात भी कही गई। लेकिन यह आदेश बेअसर रहा और असुरक्षा और गीली मिट्टी को नजरअंदाज कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। 0 24 घंटे बाद भी नहीं उठा क्रेन, पुणे से आए इंजीनियर भी असफल पलटते समय क्रेन का बूम (सामने का हिस्सा) डाउन व मिडिल लाइन पर जा गिरा। गिरते समय ओएचई तार भी चपेट में आकर टूट गया। इसके चलते इन दोनों लाइनों पर रेल यातायात ठप रहा। रेलवे का अमला लाइन को क्लीयर करने के लिए मशक्कत करता रहा। दो जेसीबी भी मंगाई है। जिसकी मदद से केवल बूम को ट्रैक से हटाया गया। लेकिन क्रेन अब भी मिडिल लाइन के किनारे पड़ा हुआ है। रात से बूम को क्रेन से अलग करने के लिए मशक्कत की गई। पहले लॉक पिन को खोलने के लिए कर्मचारी जुट रहे। लेकिन ट्रैक पर गिरने के कारण पिन नहीं खुला। ऐसे में यह निर्णय लिया गया कि पिन को काट दिया जाए। लेकिन वह असफल रहे तो क्रेन मालिक ने पुणे में कंपनी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सुबह वहां दो इंजीनियर बिलासपुर पहुंचे। स्थानीय कर्मचारियों के साथ इंजीनियर देर रात तक बूम को क्रेन से अलग करने का प्रयास करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। बताया जा रहा है कि जब बूम अलग नहीं होगा क्रेन का उठना मुश्किल है। हालांकि इससे पहले मौके पर मौजूद 400 टन के क्रेन की मदद से इसे उठाने का प्रयास किया गया। लेकिन वह भी इसे ठस से मस नहीं कर पाया। Posted By: Nai Dunia News Network #Increasing danger due to soil dust
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
चुचुहियापारा में क्रेन हादसे के बाद रेल प्रशासन सकते में है। इस जगह को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। जरा सी कंपन के बाद दोबारा मिट्टी धंसने का खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए ट्रेनों की रफ्तार पर अंकुश लगा दिया गया है। डाउन लाइन पर 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें गुजरीं तो मिडिल लाइन पर से गुजरने वाली ट्रेनों की गति पांच किमी प्रतिघंटे थी। इतना ही नहीं लोड मालगाड़ी को किसी भी हालत में इस लाइन पर नहीं चलाने का हिदायत दी गई है। गुरुवार को दिनभर इस रफ्तार पर ट्रेनें चलती रहीं।
चुचहियापारा रेलवे फाटक की जगह अंडरब्रिज का निर्माण हो रहा है। बुधवार को तीसरे दिन छह बॉक्स स्थापित करने की योजना थी। इनमें से तीन बॉक्स स्थापित भी हो गया था। जैसे ही चौथे बॉक्स को गड्ढे में रखा जा रहा था अचानक मिट्टी धंसकने लगी और 160 टन का क्रेन पलट गया। इस हादसे से रेलवे में हड़कंप मचा गया है। किसी तरह घंटों मशक्कत के बाद डाउन व मिडिल लाइन को फिट कर ट्रेनों का परिचालन तो किया गया लेकिन खतरा पूरी तरह से नहीं टला है। दरसअल क्रेन अब भी पलटा हुआ है और इसके किनारे भारी - भरकम गड्ढा है। जिस तरह यहां की मिट्टी धंसी है उससे रेलवे मान रही है कि नीचे की सतह कमजोर है। ऐसे में ट्रेनों की रफ्तार से चलने के कारण और कंपन होगा। इससे ट्रैक के नीचे की मिट्टी धंस सकती है। इसे देखते हुए डाउन व मिडिल लाइन पर चल रही ट्रेनों पर स्पीड नियंत्रण लगा दिया गया है। मिडिन लाइन गड्ढे से बेहद नजदीक है। इसलिए सबसे ज्यादा खतरा इसी लाइन पर चलनी वाली ट्रेनों को लेकर है। इसे देखते हुए इस लाइन पर कोचिंग ट्रेनों को पांच किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने के निर्देश जारी हुए हैं। इसके ठीक बाजू में डाउन लाइन है। पर यह घटना स्थल से थोड़े अधिक फासले पर है। इसलिए इसमें 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जा रही है। रात 11 बजे डाउन और सुबह 5.45 बजे मिडिल लाइन खुली है। इसके बाद ट्रेनें इसी रफ्तार सेचल रही हैं। दिनभर में एक भी लोड मालगाड़ी यहां से नहीं गुजरीं। इसकी वजह मालगाड़ी के परिचालन पर बैन है। केवल खाली मालगाड़ी ही गुजरीं।
नाली- नाले का पानी घुसने के कारण मिट्टी हुई गीली
जहां पर बॉक्स रखने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। वहां पहले दिन से मिट्टी गीली है। इसकी वजह लाइन उस पार के मोहल्ले में बने नाली व नाले का पानी आना है। इसी वजह से मिट्टी गीली भी हुई। पहले ही मिट्टी की यह स्थिति रेलवे को खटकी थी। उनके द्वारा ठेकेदार को संभलकर काम कराने की बात भी कही गई। लेकिन यह आदेश बेअसर रहा और असुरक्षा और गीली मिट्टी को नजरअंदाज कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था।
0 24 घंटे बाद भी नहीं उठा क्रेन, पुणे से आए इंजीनियर भी असफल
पलटते समय क्रेन का बूम (सामने का हिस्सा) डाउन व मिडिल लाइन पर जा गिरा। गिरते समय ओएचई तार भी चपेट में आकर टूट गया। इसके चलते इन दोनों लाइनों पर रेल यातायात ठप रहा। रेलवे का अमला लाइन को क्लीयर करने के लिए मशक्कत करता रहा। दो जेसीबी भी मंगाई है। जिसकी मदद से केवल बूम को ट्रैक से हटाया गया। लेकिन क्रेन अब भी मिडिल लाइन के किनारे पड़ा हुआ है। रात से बूम को क्रेन से अलग करने के लिए मशक्कत की गई। पहले लॉक पिन को खोलने के लिए कर्मचारी जुट रहे। लेकिन ट्रैक पर गिरने के कारण पिन नहीं खुला। ऐसे में यह निर्णय लिया गया कि पिन को काट दिया जाए। लेकिन वह असफल रहे तो क्रेन मालिक ने पुणे में कंपनी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सुबह वहां दो इंजीनियर बिलासपुर पहुंचे। स्थानीय कर्मचारियों के साथ इंजीनियर देर रात तक बूम को क्रेन से अलग करने का प्रयास करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। बताया जा रहा है कि जब बूम अलग नहीं होगा क्रेन का उठना मुश्किल है। हालांकि इससे पहले मौके पर मौजूद 400 टन के क्रेन की मदद से इसे उठाने का प्रयास किया गया। लेकिन वह भी इसे ठस से मस नहीं कर पाया।
  
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों को पकड़ने के लिए जबलपुर रेल मंडल ने अभियान छेड़ दिया है। इन दिनों बड़ी संख्या में ईटिकटों की कालाबाजारी करने वाले भी पकड़े गए हैं। ईटिकटों को फर्जी तरह से बेचने वाले अपना कारोबार धड़ल्ले से कर रहे हैं और यात्री परेशान हो रहे हैं। मगर इसके इतर, ट्रेनों में ताबड़तोड़ चेकिंग कर बिना टिकट यात्रा करने वालों से लेकर अनाधिकृत यात्रा करने वाले यात्रियों से जुर्माना वसूला जा रहा है। जबलपुर रेल मंडल के कमर्शियल विभाग के सीनियर डीसीएम कोचिंग मनोज गुप्ता के साथ टिकट चेकिंग स्क्वॉड टीम के सदस्यों ने बुधवार को 12 से ज्यादा ट्रेनों में जांच की। इतना ही नहीं आधा दर्जन स्टेशनों में भी चेकिंग की कार्रवाई चली। इस दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को पकड़ने के लिए ट्रेन से लेकर स्टेशन तक में घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान...
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तकरीबन 273 यात्रियों को पकड़ा गया, जिनसे लगभग 1 लाख 21 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। जांच के दौरान ट्रेन के स्लीपर से लेकर एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों की टिकट चेक की गई।इस दौरान ट्रेन 12192, 12321, 11094, 18234 जैसी एक दर्जन ट्रेनों में जांच के दौरान 37 यात्री ऐसे मिले, जिनके पास टिकट ही नहीं थी। इनसे 20 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही स्लीपर और जनरल कोच की टिकट लेकर एसी में यात्रा करने वाले 211 लोगों ने तकरीबन 98 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। जांच के दौरान कई ऐसे यात्री मिले, जो निर्धारित सीमा से ज्यादा वजन का लगेज ट्रेन में ले जा रहे थे, जिनसे तकरीबन 25 सौ रुपए का जुर्माना वसूला गया।Posted By: Nai Dunia News Network #Jabalpur News#Traveling In A Train In Jabalpur#Jabalpur News In Hindi#Latest Jabalpur News#MP News#जबलपुर न्यूज
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों को पकड़ने के लिए जबलपुर रेल मंडल ने अभियान छेड़ दिया है। इन दिनों बड़ी संख्या में ईटिकटों की कालाबाजारी करने वाले भी पकड़े गए हैं। ईटिकटों को फर्जी तरह से बेचने वाले अपना कारोबार धड़ल्ले से कर रहे हैं और यात्री परेशान हो रहे हैं। मगर इसके इतर, ट्रेनों में ताबड़तोड़ चेकिंग कर बिना टिकट यात्रा करने वालों से लेकर अनाधिकृत यात्रा करने वाले यात्रियों से जुर्माना वसूला जा रहा है। जबलपुर रेल मंडल के कमर्शियल विभाग के सीनियर डीसीएम कोचिंग मनोज गुप्ता के साथ टिकट चेकिंग स्क्वॉड टीम के सदस्यों ने बुधवार को 12 से ज्यादा ट्रेनों में जांच की। इतना ही नहीं आधा दर्जन स्टेशनों में भी चेकिंग की कार्रवाई चली। इस दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को पकड़ने के लिए ट्रेन से लेकर स्टेशन तक में घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान तकरीबन 273 यात्रियों को पकड़ा गया, जिनसे लगभग 1 लाख 21 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। जांच के दौरान ट्रेन के स्लीपर से लेकर एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों की टिकट चेक की गई।
इस दौरान ट्रेन 12192, 12321, 11094, 18234 जैसी एक दर्जन ट्रेनों में जांच के दौरान 37 यात्री ऐसे मिले, जिनके पास टिकट ही नहीं थी। इनसे 20 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही स्लीपर और जनरल कोच की टिकट लेकर एसी में यात्रा करने वाले 211 लोगों ने तकरीबन 98 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। जांच के दौरान कई ऐसे यात्री मिले, जो निर्धारित सीमा से ज्यादा वजन का लगेज ट्रेन में ले जा रहे थे, जिनसे तकरीबन 25 सौ रुपए का जुर्माना वसूला गया।
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