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Jul 19 (20:09) खंडवा से सनावद के बीच ब्रॉडगेज लाइन का 75 % ट्रैक पूरा , 16 किमी बनने का इंतजार (
IR Affairs

News Entry# 387127  Blog Entry# 4382445   
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Jul 19 2019 (20:09)
Station Tag: Ajanti/ANI added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 19 2019 (20:09)
Station Tag: Nimar Kheri/NKR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 19 2019 (20:09)
Station Tag: Sanawad/SWD added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 19 2019 (20:09)
Station Tag: Khandwa Junction/KNW added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
खंडवा. गेज परिवर्तन के तहत खंडवा से सनावद के बीच चल रहा ब्रॉडगेज लाइन बिछाने का कार्य निर्माण एजेंसियों ने लगभग 75 फीसदी पूरा कर लिया है। इस समय 16 किमी लंबा ट्रैक बिछाया जाना शेष है। इसका कार्य चल रहा है। जानकारी के अनुसार, सनावद से खंडवा के बीच 56 किमी लंबा ट्रैक बनाया जाना है। इसमें रेलवे ने निमाडख़ेड़ी से अजंटी तक 40 किमी लंबी ब्रॉडगेज लाइन तैयार कर ली है। अब अहमदपुर खैगांव से निकली बायपास लाइन से खंडवा तक छह किमी और सनावद से निमाडख़ेड़ी तक दस किमी की लाइन बिछना बाकी है, लेकिन बायपास ट्रैक का सफल ट्रायल होने के बाद निर्माण कार्य की गति धीमी हुई है। हालांकि रेलवे की मानें तो सबकुछ ठीक रहा तो 2020 तक खंडवा से सनावद के बीच गेज परिवर्तन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।लालचौकी गेट तक अर्थवर्क कार्य पूरारेलवे ने अजंटी से खंडवा आउटर लालचौकी तक ट्रैक डालने...
के लिए अर्थवर्क का कार्य पूरा कर लिया है। पटरियां डालने के लिए जमीन तैयार है। ट्रैक के आसपास की नालियों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा पटरियां, स्लीपर सहित अन्य मटेरियल जुटा लिया गया है। निर्माण एजेंसी जल्द ही अहमदपुरखैगांव से खंडवा तक ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू कर सकती हैं।

Rail News
Yesterday (02:25)
® राहुल जैन ™18 🚅🚃🚃🚃🚃🚃🚃🚃🚃🚃🛌 ☺ Chai Wal*^~   15017 blog posts   14940 correct pred (63% accurate)
Re# 4382445-1            Tags   Past Edits
Today (02:40) Railways seeks cabinet nod to build 3 freight corridors at ₹3 trillion (
IR Affairs

News Entry# 387240  Blog Entry# 4384713   
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Jul 22 2019 (02:40)
Station Tag: Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus/CSMT added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 22 2019 (02:40)
Station Tag: Howrah Junction/HWH added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 22 2019 (02:40)
Station Tag: Vijayawada Junction/BZA added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 22 2019 (02:40)
Station Tag: Kharagpur Junction/KGP added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 22 2019 (02:40)
Station Tag: MGR Chennai Central/MAS added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 22 2019 (02:40)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
The railways ministry has sought the approval of the Union cabinet to build three new dedicated freight corridor (DFC) networks at a total investment of about ₹3 trillion, said a senior government official aware of the matter, in what may help Indian Railways meet growing demand for faster and efficient movement of freight.
While the East-West Corridor (2,328km) will be built between Kolkata and Mumbai, the North-South Corridor (2,327km) is planned between Delhi and Chennai and the East Coast Corridor (1,114km) between Kharagpur and Vijaywada.
Indian Railways’ DFC project involves constructing five
freight corridors across the country. The railways, through its arm Dedicated Freight Corridor Corp. of India Ltd (DFCCIL), is already building the first two freight corridors—Eastern Freight Corridor from Ludhiana to Dankuni (1,856km) and Western Freight Corridor from Dadri to Jawaharlal Nehru Port (1,504km)—at a total cost of ₹81,000 crore.
The railways plan to complete more than 60-70% of the work in the two corridors this financial year and make them fully operational by 2021.
In the railway budget 2016-17, the government had proposed to take up three more freight corridors. Infrastructure projects typically have long gestation period and some DFCs have taken over a decade due to hurdles over land acquisitions as well as delay in sanctioning loans.
Another government official aware of the matter said the projects would be financed through public-private partnerships (PPP) or by raising funds from foreign institutions.
Queries emailed to the spokespersons of Indian Railways and DFCCIL remained unanswered.
The freight corridors are key to the government’s infrastructure projects that seeks to decongest railway network, ensure faster movement of goods, increase the national carrier’s freight capacity network and reduce overall logistics cost for companies. Rationalization of freight rates has always been a top industry demand as higher logistics expense escalates the overall cost of a product.
India has been grappling with high logistics costs of 16-18%, making its exports uncompetitive vis-à-vis China, which has lower logistics costs of 8-10%. Earlier this month, finance minister Nirmala Sitharaman in her maiden budget speech said the government is in the process of completing the DFC project, which will free up some of the existing railway network for passenger trains.
The three new DFCs will cover 5,769km. The preliminary engineering and traffic system study of these corridors has already been completed. After the cabinet approval, DFCCIL—a special purpose vehicle set up in 2006 under the railways ministry—will undertake a detailed project planning including plans for land acquisition.
Experts believe projects like DFCs are important and must be given priority. “There has already been a delay in completion of the project. The challenge here is that there’s a large amount of capital investment and there is also a need for adequate preparations such as land acquisitions, arranging the money, and then see if the project happens on time," said Vishwas Udgirkar, partner at Deloitte said.
While the first section of the eastern DFC—200 km stretch from Bhadan to Khurja—and western DFC—another 200 km from Rewari to Madar—has been completed, around 1,000km of DFC, including western DFC connecting states such as Haryana, Maharashtra and eastern DFC connecting Punjab and West Bengal is expected to be operational in the current year.
पलपल संवाददाता, जबलपुर. उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद सिटी और प्रयाग जंक्शन के बीच दोहरीकरण कार्य के चलते संबंधित रूट पर नॉन इंटरलाकिंग का कार्य किया जाना है, जिसके चलते कई गाडिय़ों को रद्द किया गया है तो कई ट्रेनों को प्रयागराज (इलाहाबाद) स्टेशन की बजाय छिवकी से चलाने का निर्णय लिया गया. जिन गाडिय़ों को रद्द किया गया है, उनमें मडुआडीह-जबलपुर मडुआडीह, एलटीटी-आजमगढ़-एलटीटी शामिल है.
रेल प्रशासन के मुताबिक इलाहाबाद सिटी और प्रयाग जंक्शन के रास्ते इलाहाबाद जंक्शन जाने वाली तमाम ट्रेनें अगले कुछ दिन इलाहाबाद छिवकी से पकडऩी होगी, क्योंकि जंक्शन से प्रयाग रेलवे स्टेशन तक दोहरीकरण कार्य के मद्देनजर अब संबंधित रूट पर नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाना है. इस वजह से प्रयाग और इलाहाबाद सिटी (रामबाग)
के रास्ते इलाहाबाद जंक्शन आने वाली कई ट्रेनों का रूट बदला जा रहा है. यह व्यवस्था 22 जुलाई से लेकर सात अगस्त तक रहेगी. इस अवधि में अलग-अलग तिथियों में चार ट्रेनें निरस्त भी रहेंगी.
यह ट्रेन रहेगी रद्द
नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते मंडुवाडीह-जबलपुर एक्सप्रेस 3 अगस्त, जबलपुर-मंडुवाडीह एक्सप्रेस 4 अगस्त, लोकमान्य तिलक-आजमगढ़ एक्सप्रेस 31 जुलाई और आजमगढ़-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 2 अगस्त को निरस्त रहेगी. उधर रेलवे ने नॉन इंटरलॉकिंग की वजह से जिन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किया है उसमें से 15 ट्रेनें प्रयाग से इलाहाबाद जंक्शन एवं 12 ट्रेनें इलाहाबाद सिटी से जंक्शन की ओर आने वाली हैं. इन सभी 25 ट्रेनों में सफर करने के लिए यात्रियों को इलाहाबाद छिवकी रेलवे स्टेशन जाना होगा. इन सभी ट्रेनों का छिवकी में दो मिनट का ठहराव होगा.
प्रयाग से जंक्शन आने वाली ये ट्रेनें इन तिथियों में मिलेंगी छिवकी से
- यशवंतपुर-लखनऊ 22, 29 जुलाई, पांच अगस्त
- दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस 28, 29 एवं 30 जुलाई
- रांची-लोकमान्य तिलक 31 जुलाई
- लोकमान्य तिलक-रांची तीन अगस्त
- छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस 31 जुलाई, एक अगस्त
- एलटीटी-वाराणसी कामायनी 30, 31 जुलाई, 04, 05, 06 अगस्त
- वाराणसी-एलटीटी कामायनी 31 जुलाई, 01, 05, 06, 07 अगस्त
- एलटीटी-गोरखपुर गोदान एक्स 31 जुलाई, 02, 04, 05 अगस्त
- एलटीटी-छपरा पवन एक्सप्रेस 30 जुलाई, 01, 03, 06 अगस्त
- गोरखपुर-एलटीटी गोदान एक्स 31 जुलाई, 02, 04, 06, 07 अगस्त
- छपरा-एलटीटी पवन एक्सप्रेस 01, 03, 05 अगस्त
- एलटीटी-गोरखपुर काशी एक्स. 31 जुलाई
- गोरखपुर-एलटीटी काशी एक्स. 31 जुलाई.
इलाहाबाद सिटी से जंक्शन आने वाली ये ट्रेनें इन तिथियों में मिलेंगी छिवकी से
पुणे-गोरखपुर एक्सप्रेस 01 अगस्त
पुणे-मंडुवाडीह ज्ञानगंगा एक्स. 05 अगस्त
एलटीटी-रक्सौल एक्सप्रेस 30 जुलाई
पुणे-दरभंगा एक्सप्रेस 31 जुलाई, 06 अगस्त
गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस 03 अगस्त
मंडुवाडीह-पुणे ज्ञानसंगा एक्स. 31 जुलाई, 07 अगस्त
रक्सौल-एलटीटी एक्सप्रेस 03 अगस्त
दरभंगा-पुणे एक्सप्रेस 02 अगस्त
सिकंदराबाद-दानापुर एक्स. 30, 31 जुलाई
दानापुर-सिकंदराबाद एक्स. 31 जुलाई, 01 अगस्त.
Yesterday (16:03) अगस्त तक नीमच और नवबंर तक चित्तौडग़ढ़ तक पूरा हो जाएगा इलेक्ट्रिफिकेशन का काम (
New Facilities/Technology

News Entry# 387210  Blog Entry# 4384159   
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Jul 21 2019 (16:04)
Station Tag: Chittaurgarh Junction/COR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 21 2019 (16:04)
Station Tag: Nimach/NMH added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 21 2019 (16:04)
Station Tag: Mandsor/MDS added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
मंदसौर.रेलवे रतलाम मंडल की इलेक्ट्रिफिकेशन विंग ने ट्वीट कर दावा किया है कि अगले माह यानी अगस्त तक नीमच और नवंबर तक चित्तौड़ तक इलेक्ट्रिफिकेशन काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही इसका मेप भी ट्वीट किया है। वर्तमान में मंदसौर और नीमच के बीच काम चल रहा है और यह पिपलियामंडी से आगे तक हो चुका है। पिछले दिनों डीआरएम आरएन सुनकर ने भी मंदसौर मेें कहा था कि काम पूरा होने के साथ मार्च में इलेक्ट्रीक इंजन की यात्री गाडी इस ट्रेक पर चलने की बात कही थी। अगस्त में काम होने के बाद दिसबंर में इस ट्रेक पर ट्रायल होगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इस क्षेत्र के लोगों को इंदौर से दिल्ली के अलावा बड़े शहरों की और सीधी ट्रेनें मिल सकेंगी।डबलीकरण में लगेगा समयइलेक्ट्रिफिकेशन का काम भले ही तेजी से चल रहा हो, लेकिन डबलीकरण का काम धीमी गति से चल रहा है। ऐसे...
में डबलीकरण के काम में अभी समय लगेगा। इसके अलावा पुल-पुलियाओं के काम में भी समय लगने के कारण डबलीकरण के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि चित्तौड़-नीमच की और डबलीकरण का काम जारी है तो रतलाम-नीमच के बीच भी डबलीकरण पर काम शुरु हो चुका है। लेकिन प्रोजेक्ट पूरा होने में अभी समय लगेगा।रतलाम से मंदसौर तक हुआ काम, नीमच को अंतिम चरण मेंजानकारी के अनुसार विद्युतीकरण का काम रतलाम से मंदसौर तक पूरा हो चुका है। मंदसौर व नीमच के बीच पोल लग चुके है और काम अंतिम चरणों में है। ऐसे में अगस्त में नीमच और नवंबर में रेलवे चित्तौड़ तक विद्युतीकरण का काम पूरा करने का दावा कर रहा है। रतलाम-जावरा के बीच इसका निरीक्षण भी हो चुका है। दलोदा मंदसौर की और भी काम पूरा तो हो गया, लेकिन अंतिम निरीक्षण होना बाकी है। पिपलियामंडी तक काम पूरा होने को है। अब पिपलिया से नीमच के बीच लाईन डालने सहित अन्य तकनीकि काम किए जा रहे है। इंदौर से सीधी मिल सकेंगी दिल्ली के लिए ट्रेन इंदौर से रतलाम तक विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है। रतलाम-नीमच ट्रेक पर भी काम अंतिम पड़ाव में है। वहीं नीमच चित्तौड़ के बीच डबलीकरण के साथ विद्युतीकरण का काम भी चल रहा है। इसके बाद यहां से कोटा, अजमेर के साथ दिल्ली तक अलग-अलग टुकड़ों में विद्युतीकरण का काम अंतिम चरण में चल रहा है जो दो से तीन माह में पूरा होगा। इसके बाद इंदौर से दिल्ली तक इलेक्ट्रीक इंजन के साथ यात्री गाडिय़ों का आवागमन शुरु हो सकेगा।

Rail News
Yesterday (17:06)
Sk Mangla*^~   1876 blog posts   97176 correct pred (98% accurate)
Re# 4384159-1            Tags   Past Edits
In media reports, Electrification around Chittaurgarh is either complete or near completion..still none of the trains on Udaipur-Chittaurgarh-AII is running with eloco...
This is bizarre & poor planning n execution by NWR, where the ELECTRIFICATION of two major junction Ajmer & Jaipur has not been completed which has rendered the entire electrification process USELESS so far..

Yesterday (17:21)
deepakrashikendra~   1962 blog posts
Re# 4384159-2            Tags   Past Edits
Diesel loby is still active.
Yesterday (18:29) हुब्बल्ली रेलवे स्टेशन पर अगले माह से नहीं आएंगी मालगाडिय़ां (
SWR/South Western

News Entry# 387218  Blog Entry# 4384354   
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Jul 21 2019 (18:30)
Station Tag: Hubballi Junction (Hubli)/UBL added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
हुब्बल्ली रेलवे स्टेशन पर अगले माह से नहीं आएंगी मालगाडिय़ांहुब्बल्ली
अगले माह से हुब्बल्ली रेलवे स्टेशन पर मालगाडिय़ां नहीं आएंगी।आगामी दिनों में मालगाडिय़ां हुब्बल्ली के बाहरी इलाके में निर्मित बाईपास मार्ग के जरिए परिवहन करेंगी।
मालगाडिय़ों की आवाजाही से हुब्बल्ली रेलवे स्टेशन पर हो रहे दबाव को घटाने के लिए शुरू किया गया बाईपास निर्माण कार्य पूर्ण होने के स्तर पर है। अगस्त में बाईपास रेलमार्ग पूरा होगा और अगस्त के आखिर में या फिर सितम्बर के आरम्भ में मालगाडिय़ां बाईपास के जरिए परिवहन आरम्भ करेंगी।
करोड़ रुपए की योजना
कुसुगल के पास के रेलवे स्टेशन से अमरगोल रेलवे स्टेशन तक 23 किलोमीटर लंबा रेल दोहरीकरण मार्ग 65 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। दक्षिण पश्चिम रेलवे हुब्बल्ली मंडल ने नवंबर 2016 में इस कार्य को शुरू किया था। समयसीमा से पहले ही कार्य पूरा किया गया है। निर्धारित समयसीमा के अनुसार नवम्बर 2019 को कार्य पूरा होना था परन्तु तीन माह पहले ही कार्य पूरा हुआ है। बाईपास मार्ग पर दो रेलवे ओवरब्रिज, सात अंडरपास, 19 छोटे पैमाने के पुल, दो स्टेशन (बाईपास कैबिन), मानव रहित दो रलवे गेट समेत अन्य कार्य पूरे हो चुके हैं।
समय की बचत होगी
हुब्बल्ली जंक्शन में यात्री ट्रेनों के परिवहन तथा ठहराव अधिक होने से मालगाडिय़ों के परिवहन के लिए जल्दी हरी झंड़ी नहीं मिल रही थी। इसके चलते मालगाडिय़ां देर से चल रही थीं। बाईपास मार्ग निर्माण से मालगाडिय़ां हुब्बल्ली जंक्शन को नहीं आने से यात्री ट्रेनों के परिवहन में भी अत्यधिक समय की बचत होगी। होसपेट, वास्को, बेंगलूरु, मुंबई आदि जगहों को प्रतिदिन रवाना होने वाली 10 से 15 मालगाडियां हुब्बल्ली जंक्शन के बजाए बाईपास के जरिए परिवहन करेंगी।
इनका कहना है
बाईपास निर्माण कार्य अगस्त के आखिर में पूरा होकर मालगाडिय़ों का परिवहन आरम्भ होगा। आगामी दिनों में मालगाडिय़ां हुब्बल्ली जंक्शन को नहीं आकर बाईपास पर ही परिवहन करेंगी। इससे मालगाडिय़ों तथा यात्री ट्रेनों के परिवहन में समय की बचत होगी।
-ई. विजया, मुख्य सार्वजनिक जनसंपर्क अधिकारी, दपरे
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